सुशासन संस्थान और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट के मध्य हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोक नीति और सुशासन क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्रम में सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, संसाधन प्रबंधन, सार्वजनिक नीति और सतत विकास के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग के लिए अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने की पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट (आईआईडब्ल्यूएम) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में हुए इस एमओयू के अवसर पर सभी संबंधित पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए बधाई दी। एमओयू पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान की ओर से उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट (आईआई डब्ल्यू एम) की ओर से श्री प्रवीण रामदास मैनेजिंग ट्रस्टी उपस्थित थे। इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शोध, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और अनेक अकादमिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करेंगे। यह सुशासन, सार्वजनिक नीति, पर्यावरण प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण ज्ञान और व्यावहारिक समाधान विकसित करने में मददगार होगा। एमओयू के अवसर पर संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विभाष ठाकुर और आईआईडब्ल्यूएम के न्यासी श्री विजय सखलेचा और गवर्निंग कौंसिल सदस्य डॉ. एन पी शुक्ला, मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी और हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष श्री अशोक कड़ेल उपस्थित थे।
