केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में ‘केरला (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026’ (नाम परिवर्तन विधेयक) को विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरला’ से बदलकर ‘केरलम’ करना है।
दूसरी ओर, लोकसभा में आज खनन क्षेत्र को और अधिक कुशल बनाने से जुड़ा ‘माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ विचार और पारित करने के लिए पटल पर रखा जाएगा।
1. केरला का नाम ‘केरलम’ करने की पहल
संविधान की पहली अनुसूची में बदलाव से जुड़े इस विधेयक की पृष्ठभूमि जून 2024 से जुड़ी है, जब केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था।
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मुख्य वजह: प्रस्ताव में कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य को हमेशा से ‘केरलम’ ही कहा और लिखा जाता है, जबकि संविधान की पहली अनुसूची में इसका नाम अंग्रेजी के प्रभाव से ‘केरला’ दर्ज है।
2. खनन (Mining) क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संशोधन
लोकसभा में पेश होने वाला ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026’, वर्ष 1957 के मूल अधिनियम में संशोधन करेगा।
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उद्देश्य: भारत के खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और प्रतिस्पर्धी बनाना।
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क्रिटिकल मिनरल्स: देश में बढ़ते औद्योगिक विकास के साथ ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (महत्वपूर्ण खनिजों) की मांग को पूरा करने के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
