कोलंबो: श्रीलंका में डेंगू के प्रकोप को नियंत्रित करने के प्रयासों में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से उपहार स्वरूप 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान (कीटनाशक रसायन) सौंपा। इस सहायता से श्रीलंका में चल रहे डेंगू नियंत्रण अभियानों और फॉगिंग गतिविधियों को काफी बल मिलेगा। भारत ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब श्रीलंका के कई अस्पतालों में दैनिक मामलों में कमी आने के बावजूद डेंगू वार्ड मरीजों से भरे हुए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, श्रीलंका में डेंगू के दैनिक मामले एक समय में लगभग 1,000 तक पहुंच गए थे, जो अब घटकर करीब 500 रह गए हैं। हालांकि, डेली मिरर की रिपोर्ट और गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (जीएमओए) के अनुसार, अस्पतालों पर दबाव अभी भी बना हुआ है और कई सरकारी अस्पताल क्षमता से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
भारत लंबे समय से श्रीलंका की विकास और मानवीय जरूरतों में बड़ा योगदान देता रहा है। श्रीलंका के सभी 25 जिलों को कवर करने वाली विकास परियोजनाओं के लिए भारत की कुल सहायता 7.5 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है, जिसमें 850 मिलियन डॉलर से अधिक का अनुदान शामिल है। यह सहयोग आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे और ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है। हाल ही में भारत ने श्रीलंका के देनियाया स्थित बेस अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का अनुदान देने का समझौता भी किया है, जिससे वहां के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके।
