ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ खेल 2026 में भारत ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं। भारतीय खिलाड़ियों ने जूडो में दो स्वर्ण पदक जीते, पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में दो पदक हासिल किए, डेकाथलॉन में पहला कांस्य पदक जीता और मुक्केबाजी में 10 खिलाड़ियों ने अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बनाई।
जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ खेलों में इस खेल के भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बनने का गौरव हासिल किया। महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अस्मिता ने कनाडा की हाइडी क्वाच को गोल्डन स्कोर में हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के ओलंपियन जोशुआ कैट्ज़ को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीतकर भारत के जूडो अभियान को दो स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिलाया।
एथलेटिक्स में ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में 85.83 मीटर के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराजे ने 89.75 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि भारत के यशवीर सिंह ने अंतिम प्रयास में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 85.41 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का इतिहास रच दिया।
मुक्केबाजी में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। भारतीय टीम के 10 मुक्केबाजों ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। महिलाओं में साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैसमीन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने फाइनल में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) भी स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंच गए।
लॉन बॉल्स में नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी ने पुरुष युगल स्पर्धा में लगातार चौथी जीत दर्ज की, जबकि नयनमोनी सैकिया ने महिला एकल मुकाबले में जीत हासिल की। हालांकि साइक्लिंग में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुष 4,000 मीटर व्यक्तिगत पीछा स्पर्धा के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, जबकि पुरुष कीरिन स्पर्धा में भी कोई भारतीय साइकिल चालक अगले दौर में जगह नहीं बना पाया।
फिलहाल भारत पदक तालिका में पांच स्वर्ण, 12 रजत और छह कांस्य सहित कुल 23 पदकों के साथ 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 55 स्वर्ण सहित कुल 128 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
