क्रांति का दूसरा नाम बन चुके शहीद-ए-आजम भगत सिंह को उनकी 119वीं जन्मजयंती पर आज पूरा राष्ट्र याद कर रहा है। 28 सितंबर 1907 को लायलपुर के बंगा गांव में जन्मे भगत सिंह के बचपन का नाम ‘भागोंवाला’ था, जिसका अर्थ होता है किस्मत वाला। भारत माता की वेदी पर राजगुरु और सुखदेव के साथ हंसते-हंसते प्राण न्योछावर करने वाले इस नायक ने वास्तव में भारत के इतिहास को समृद्ध बनाया।
इस खास दिन पर पंजाब के लुधियाना में ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम के जरिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उन्हें नमन किया जा रहा है। इसके साथ ही शहीद भगत सिंह नगर के खटकर कलां (पैतृक गांव) में भी लोगों का तांता लगा हुआ है, जहां श्रद्धालु और नागरिक उनके प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए शहीद भगत सिंह के अतुलनीय योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि भगत सिंह का अदम्य शौर्य और भारत की स्वाधीनता के लिए सर्वस्व अर्पण करने की भावना देश के युवा वर्ग के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
