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एआईएम कांग्रेस-2026: प्रदेश की किस्मत बदलने सीएम डॉ. मोहन जा रहे दुबई , बेहद अहम है ग्लोबल AIM-2026, ये मेगा कंपनियां होंगी शामिल?

Posted on September 6, 2026September 6, 2026 by admin

दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में होगा वर्ल्ड क्लास कार्यक्रम
‘इन्वेस्ट एमपी-2026’ में निवेश संवाद करेंगे प्रदेश के मुखिया
180 से ज्यादा देशों के करीब 20,000 प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद

6 सितंबर 2026। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की सूरत बदल जाएगी। यहां रोजगार-निवेश और पर्यटन की वो धारा बहेगी, जो राज्य की तकदीर ही बदल देगी। प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आने की संभावना है, जो मध्यप्रदेश को बाकी राज्यों से काफी आगे कर देगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6-9 सितंबर के बीच दुबई प्रवास पर रहेंगे। वे वैश्विक आयोजन ‘एआईएम कांग्रेस-2026’ (Annual Investment Meeting) में न केवल सहभागिता करेंगे, बल्कि ‘इन्वेस्ट एमपी-2026’ में निवेश संवाद भी करेंगे। निवेश का यह महाकुंभ मध्यप्रदेश की दृष्टि के काफी अहम है। यह राज्य में न केवल निवेश के द्वार खोलेगा, बल्कि रोजगार और पर्यटन को भी गति प्रदान करेगा। इस सम्मेलन के परिणाम मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। इससे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव का निवेश-रोजगार का संकल्प भी पूरा होता दिखाई देगा। इस सम्मेलन में दुनिया के वे निवेशक शामिल होते हैं, जो किसी भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।

गौरतलब है कि एआईएम कांग्रेस दुनिया के सबसे बड़े निवेश मंचों में से एक है। इसका आयोजन दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के संरक्षण में होता है। इस बार यह 7–9 सितंबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हो रहा है। पिछली बार इसमें 181 देशों के लगभग 15,800 प्रतिनिधि, 9 राष्ट्राध्यक्ष और 74 मंत्री शामिल हुए थे और 47 एमओयू हुए थे। इस बार 180 से ज्यादा देशों के करीब 20,000 प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। यहां सरकारें, बड़े निवेशक, सोवरिन वेल्थ फंड्स और कंपनियां एक मंच पर आकर निवेश के मौकों पर चर्चा करती हैं।

बड़े निवेशकों-कंपनियों से सीधे होगी मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यह यात्रा एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष एवं यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के आमंत्रण पर कर रहे हैं। यह यात्रा भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 की तैयारी की शुरुआत भी है। सीएम डॉ. मोहन यादव यहां बड़े निवेशकों और कंपनियों से सीधे मिलेंगे। एक ही जगह पर दुनिया भर के निवेशक मौजूद होंगे, इसलिए यह मध्यप्रदेश के लिए बड़ा और किफायती अवसर है।

निवेश आकर्षित करने पर फोकस
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यात्रा निवेश पर केंद्रित है। इसमें आमंत्रण-आधारित ‘टाइकून्स’ कार्यक्रम है, जिसमें करीब 500 सोवरिन वेल्थ फंड्स, फैमिरी ऑफिस और बड़े कारोबारी शामिल होंगे। साथ ही डीपी वर्ल्ड, वीएफएस ग्लोबल, ईएमएएआर, चोयथराम, शराफ ग्रुप केजीके जैसी कंपनियों के साथ अलग-अलग बैठकें और ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ सत्र होंगे।

मध्यप्रदेश की वैश्विक पहचान बनाना
मध्यप्रदेश की क्षमता के मुकाबले उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान अभी कम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी, मध्यप्रदेश पवेलियन, ओडीओपी प्रदर्शन और मीडिया संवाद से राज्य एक ‘ग्लोबल निवेश गंतव्य’ के रूप में सामने आएगा। इससे जीआईएस-2027 की तैयारी को भी मजबूती मिलेगी।

दुबई में खाने-पीने की चीजों की कमी और मध्यप्रदेश की ताकत
दुबई अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा खाना बाहर से मंगाता है। साल 2024 में यूएई ने करीब 16.2 बिलियन डॉलर का खाद्य आयात किया, जो 2023 से 13.7% ज्यादा है। वहां की लगभग 89% आबादी प्रवासी है, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय हैं, इसलिए भारतीय अनाज, दाल और प्रोसेस्ड फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश इस मांग को पूरा कर सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल में देश में पहले, अनाज में दूसरे (13.04% हिस्सा), मक्का में पहले और गेहूं में दूसरे (20.78% हिस्सा) नंबर पर है। ‘सोया प्रदेश’ के नाम से मशहूर यह राज्य देश का करीब 60% सोयाबीन पैदा करता है। कार्यक्रम में लूलू ग्रुप के यूसुफ़ अली एमए के साथ बैठक इसी मौके को असली सौदों में बदलने का जरिया है।

मध्यप्रदेश के किसानों को फायदा
यह सबसे अहम बात है। दुबई जैसा पक्का निर्यात बाजार मिलने से मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी फसल के बेहतर दाम मिलेंगे। साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग और फूड प्रोसेसिंग में निवेश आएगा। इस बड़े बाजार का थोड़ा हिस्सा भी मिल जाए तो इसका सीधा फायदा राज्य के लाखों किसानों को होगा।

मध्यप्रदेश के शहरों के लिए विकास और एफडीआई के रास्ते खुलेंगे
दुबई शहरी और रियल-एस्टेट विकास में दुनिया का उदाहरण है। तीसरे दिन इमार के साथ बैठक और बुर्ज ख़लीफ़ा का दौरा इसी मकसद से है। मध्यप्रदेश के बड़े शहर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर, तेजी से बढ़ रहे हैं और इन्हें एफडीआई, अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर और अंतरराष्ट्रीय पहचान की जरूरत है। इससे इन शहरों में स्मार्ट सिटी, टाउनशिप और कमर्शियल निवेश के रास्ते खुलेंगे।

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