Skip to content
खबर हर तरफ की
Menu
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • व्यापार
  • छत्तीसगढ
  • खेल
  • मध्य प्रदेश टुडे
  • स्वस्थ
  • मनोरंजन
Menu

एमपी के लिए सीएम डॉ. मोहन का बड़ा विजन, संभाग और जिलास्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Posted on August 24, 2026August 24, 2026 by admin

कृषि क्षेत्र में युवाओं को नवाचार, तकनीक और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ युवा संवाद कार्यक्रम
सीएम ने युवाओं के सवालों पर खुलकर दिए जवाब

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने और युवाओं को खेती से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अब संभाग एवं जिलास्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 24 अगस्त को भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित युवा संवाद के दौरान कहीं ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर गांव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज खेती के स्वरूप में तेजी से बदलाव हो रहा है। नई तकनीक, नई फसलों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उद्यानिकी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमिता को अपनाकर युवा कृषि को लाभ का व्यवसाय बना सकते हैं।

युवाओं को कृषि नवाचार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। युवा कृषि शिक्षा प्राप्त कर नई संभावनाओं के द्वार खोलें और कृषि की जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार करें। किसान पॉलीहाउस, वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग और अन्य कृषि आधारित उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक लाभ के लिए उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पॉलीहाउस में गुलाब सहित विभिन्न फूलों की खेती, मशरूम फार्मिंग, पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन जैसे कार्य युवा कम लागत में शुरू कर सकते हैं। मशरूम एवं पर्ल फार्मिंग तो घर के एक कमरे से भी प्रारंभ की जा सकती है।

कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी आय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी अपनाएं। मध्यप्रदेश वर्तमान में देश में दूध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। इसे अग्रणी राज्य बनाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने का लक्ष्य है। उन्नत नस्ल के पशुधन से दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों-पशुपालकों को प्रतिदिन आय का साधन मिलेगा। राज्य सरकार के प्रयासों से किसानों को दूध के प्रति लीटर मूल्य में भी 8 से 10 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत लगभग 43 लाख रुपये की लागत से 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मत्स्य पालन के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में तालाब और जलाशय उपलब्ध हैं। पहले मछली का बीज अन्य राज्यों से लाना पड़ता था, लेकिन अब मध्यप्रदेश में ही मछली बीज उत्पादन के लिए तीन हैचरियां प्रारंभ की गई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

किसानों के हित में निरंतर निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके लिए राज्य सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। किसानों को एमएसपी पर गेहूं खरीदी के साथ बोनस का लाभ दिया गया है और मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक गेहूं खरीदी करने वाले राज्यों में अग्रणी बना है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीक को अपनाएं तथा एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसलीय और वैकल्पिक खेती की ओर बढ़ें। इससे खेती से होने वाली आय में वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कृषक कल्याण वर्ष प्रारंभ किया है। इस वर्ष कृषि के साथ फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सिंचाई विस्तार को मिली गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़े और प्रदेश का कोई भी खेत पानी की कमी के कारण पिछड़े नहीं। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक सिंचाई तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस दौरान खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वर्ष को कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की पहल की है। कृषि क्षेत्र में युवाओं के साथ संवाद मध्यप्रदेश में नई कृषि क्रांति का आधार बनेगा।

कृषि नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी एवं फैकल्टी सदस्य, कृषि वैज्ञानिक, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, कृषि शोधकर्ता, कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा तथा कृषि प्रभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों को किया सम्मानित, तकनीक और नवाचार अपनाने का दिया संदेश
  • भगवान श्रीकृष्ण ने जिया साहस, कर्तव्य और मित्रता के गुणों से भरा जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच रहकर भी जीवन को सार्थक बनाने की दी सीख : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • नेपाल बाढ़ राहत, जयशंकर की यूक्रेन यात्रा और वैश्विक मुद्दों पर विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता: जानें मुख्य बातें
  • बंदियों को पात्रतानुसार सजा में मिलेगी एक माह की छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Recent Comments

No comments to show.

Categories

  • Uncategorized
  • खेल
  • छत्तीसगढ
  • मध्य प्रदेश टुडे
  • मनोरंजन
  • मुख्य समाचार
  • व्यापार
  • स्वस्थ
©2026 खबर हर तरफ की | Design: Newspaperly WordPress Theme