झारखण्ड में मासूम का सौदा, पिता ने 28 दिन की बेटी का 30 हजार में किया सौदा, वजह हैरान कर देगी

Jharkhand News

हर पिता को अपनी औलाद से बहुत लगाव और प्यार देखने को मिलता है पश्चिमी सिंहभूमी के मेरेलगाडा गांव के रहने वाले एक पिता की हैवानियत का यह मामला सामने आया। उस मासूम बच्ची का बस इतना सा कुसूर था कि उसने इस निर्दयी दुनिया मे जन्म लिया। हर बेटी जहा अपने पिता की ऊँगली पकड़कर चलने का सपना देखती है अपने पिता के कंधे पर बैठकर घूमना चाहती है वही यह पिता अपनी 28 दिन की बेटी को बेच देता है। सिर्फ इसलिए की उसे शराब पीने के लिए पैसे चाहिये थे।

Jharkhand News

मेरेलगाडा गांव के रहने वाले बुधवराम चतोम्बा पेशे से एक ड्राइवर है चार दिन पहले उन्होंने अपनी नवजात बेटी को 30 हजार रुपये में बेच दिया। इससे पहले उनकी पत्नी उन्वासी चतोम्बा कुछ समझ पाती उनकी बेटी को बेच दिया गया। कुछ दिनो पहले बालजामदा के एक परिवार से 1 पुरूष और 3 महिलाएं इनके घर आये थे जिन्हें उनकी बेटी को देकर बुधवराम ने अपनी पत्नी को कहा कि हमारी पहले से इतनी ही औलाद है हम इसको नहीं पाल सकते ऐसा कहकर बेटी को इन लोगों को दे दिया।

Jharkhand News

बुधवराम की दो पत्नी और नौ बच्चे पहले से ही है उनकी पहली पत्नी जानकी चतोम्बा से 6 बेटियां और दूसरी पत्नी उन्वासी चतोम्बा से 3 बेटियां ओर 1 बेटा हैं। इसमें से एक मासूम को बेच दिया गया। दूसरी पत्नी उन्वासी से पूछताछ पर पता चला कि उसका पति पैसा दोस्तों को हाडिया पिलाने मे खर्च करता हैं। घर खर्च के लिए पैसे भी नहीं देता। इन सब मामलो की जानकारी मिलने पर बालजोड़ी के मानकी सुरेन्द्र चतोम्बा और मुखिया जयराम बारजे जब बुधवराम के घर पहुंचे वह अपने घर से फरार हो चुका था।

पुरे मामले की जानकारी मिलने पर मानकी और मुखिया का कहना था कि बेटी खरीदने वाला और बेचने वाला दोनों दोषी है दोनों को सजा मिलनी चाहिए क्योंकि ऐसे बेटी को बेचना गैर कानूनी कपराध है ओर अगर किसको बेटी को गोद लेना है तो उसे पूरे कानूनी तरीक़े से गोद लेना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back To Top