प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का जनआंदोलन बनना चाहिए और देश के युवा इस संकल्प की मजबूत नींव बनें। उन्होंने कहा कि सभी सुधारों का केंद्र आम नागरिकों का कल्याण होना चाहिए और सुधारों का उद्देश्य केवल सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की गति तेज करना है।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबद्ध क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा के लिए सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए गए सुधारों को तेज गति से लागू किया जाना चाहिए ताकि उनका लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने पर जोर देते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की उभरती जरूरतों का व्यापक आकलन करने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की और इससे निपटने के लिए संस्थागत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने युवा कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि देश के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ‘समग्र सरकार’ (Whole-of-Government) दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने खेलों के समग्र विकास, खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने खेल क्षेत्र में स्टार्टअप, नवाचार और आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना को व्यापक रूप से अपनाने से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर कौशल आवश्यकताओं का आकलन करने पर भी जोर दिया, ताकि भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बेहतर कौशल उपलब्ध कराया जा सके।
