ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम दिन भारत की नजरें जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में पदकों पर टिकी हैं। जूडो में पुरुष 100 किग्रा वर्ग में अवतार सिंह, पुरुष +100 किग्रा वर्ग में यश घांगस और महिला 78 किग्रा वर्ग में इशरूप नारंग भारत की चुनौती का नेतृत्व करेंगे। वहीं ट्रैक साइक्लिंग की पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में रोनाल्डो लैतोनजाम उतरेंगे। समापन दिवस पर पैरा ट्रैक साइक्लिंग की स्पर्धाएं भी आयोजित होंगी।
दसवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 पदक अपने नाम किए, जिससे पदक तालिका में वह चौथे स्थान पर पहुंच गया। अब तक भारत के खाते में कुल 39 पदक हैं, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।
मुक्केबाजी में भारत ने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय मुक्केबाजों ने रिकॉर्ड सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अंकुश पंघाल ने पुरुष 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में नामीबिया के ट्रायअगेन मॉर्निंग न्देवेलो को 3-2 से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारत के लिए मुक्केबाजी में जैसमीन लांबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घांगस और अरुंधति चौधरी ने भी स्वर्ण पदक जीते। वहीं नरेंद्र बेरवाल, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और जादुमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
एथलेटिक्स में लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुष 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इससे पहले वह 10,000 मीटर में रजत पदक जीत चुके हैं। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही 5000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाले भी पहले भारतीय बने।
पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। पुरुष शॉटपुट एफ-57 स्पर्धा में सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर भारत को पहली बार इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाया। यह इस वर्ग में भारत का पहला डबल पोडियम फिनिश भी रहा।
पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने रजत और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने कांस्य पदक जीता। जूडो में उन्नति शर्मा ने महिला 63 किग्रा वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर को इप्पोन से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं करणजीत सिंह मान ने पुरुष 90 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम आठ और रेपेचेज मुकाबलों में हार के कारण पदक से चूक गए।
