भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ताइपे ओपन सुपर महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में 17 वर्षीय तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी गुयेन थ्यू लिन्ह को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ तन्वी शर्मा ताइपे ओपन की सबसे कम उम्र की चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने ताइवान की दिग्गज खिलाड़ी ताई त्ज़ू यिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा, वह वर्ष 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं।
तन्वी की इस उपलब्धि को भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल की गई यह जीत उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
