लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस और उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात को भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच बढ़ती साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के हेरिडिटरी प्रिंस एलोइस और हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बैठक में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
जयशंकर से मुलाकात, ईएफटीए-टेपा के अवसरों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रिंस एलोइस से भेंट की। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टाइन के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते (टेपा) से पैदा होने वाले अवसरों पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि भारत की राजकीय यात्रा पर आए प्रिंस एलोइस से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि ईएफटीए-टेपा से मिलने वाले अवसरों के माध्यम से दोनों देशों की साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रिंस एलोइस की बैठक से सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद भी जताई।
राष्ट्रपति भवन में प्रिंस एलोइस का औपचारिक स्वागत
प्रिंस एलोइस का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
इस अवसर पर प्रिंस एलोइस ने भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा को सम्मान की बात बताया। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दर्शाती है कि लिकटेंस्टाइन भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है।
निर्मला सीतारमण और जयंत चौधरी से भी करेंगे मुलाकात
भारत यात्रा के अगले चरण में मंगलवार को प्रिंस एलोइस वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनकी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बैठक होगी। उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का भी आयोजन किया गया है।
प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।
लिकटेंस्टाइन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की यह भारत की पहली राजकीय यात्रा है। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईएफटीए-टेपा समझौते के तहत उपलब्ध अवसर भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
