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जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक: पीयूष गोयल ने WTO नियमों के तहत निष्पक्ष व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर दिया जोर

Posted on October 3, 2026 by admin

अमेरिका के मिलवॉकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक व्यापार की विकृतियों को समाप्त करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (WTO) के अनुरूप नियम-आधारित और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ करने, संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता, ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) सिद्धांत और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जबरन श्रम को पूरी तरह समाप्त करने जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भारत का स्पष्ट और प्रभावी दृष्टिकोण रखा।

संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता पर WTO-अनुरूप उपायों की वकालत :- पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो 1.4 अरब लोगों की मजबूत घरेलू मांग पर आधारित है। भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास जी20 अध्यक्षता द्वारा चिह्नित क्षेत्रों में कोई संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता (structural excess capacity) नहीं है। अनुचित मूल्य निर्धारण और डंपिंग जैसी व्यापार विकृतियों से निपटने के लिए उन्होंने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी जैसे WTO-अनुरूप उपायों के न्यायिक प्रयोग पर बल दिया।

MFN सिद्धांत और विकासशील देशों के अधिकार :- केंद्रीय मंत्री ने ‘सबसे पसंदीदा राष्ट्र’ (MFN) सिद्धांत को पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण व्यापार की मुख्य गारंटी बताया। उन्होंने WTO में सर्वसम्मति से निर्णय लेने और विकासशील देशों के लिए ‘विशेष एवं भिन्न व्यवहार’ (Special and Differential Treatment) को बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि इन देशों को अपने औद्योगीकरण और जनकल्याण के लिए आवश्यक नीतिगत स्वतंत्रता मिल सके।

जबरन श्रम के पूर्ण उन्मूलन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता :- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को समाप्त करने पर भारत की शून्य-सहनशीलता (Zero-Tolerance) नीति को दोहराते हुए गोयल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के प्रासंगिक सम्मेलनों का अनुपालन किया है और जुलाई 2026 में विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि व्यापार संबंधी कार्रवाइयां अनुमानों के बजाय ठोस एवं सत्यापन योग्य साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए।

द्विपक्षीय बैठकें और 2027 जी20 अध्यक्षता को समर्थन :- बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और कनाडा के व्यापार मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने अमेरिका की जी20 अध्यक्षता की सराहना की और 2027 में जी20 की आगामी अध्यक्षता के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) को भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की।

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