राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में आयोजित विशेष सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सत्य, शांति और अहिंसा के उनके शाश्वत आदर्शों को नमन किया। प्रार्थना सभा के दौरान स्कूली बच्चों और कलाकारों ने भक्तिपूर्ण भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी गांधी स्मृति पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान तथा सामाजिक समरसता और उत्थान के उनके सार्वभौमिक संदेश को याद किया।
अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस और बापू का योगदान
2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी (महात्मा गांधी) की जयंती पूरे देश में ‘गांधी जयंती’ के रूप में मनाई जाती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा उनके अहिंसा के संदेश को विश्वभर में फैलाने के लिए इस दिन को ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है। भारतीय स्वाधीनता संग्राम में बापू ने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक जन-आंदोलनों का कुशल नेतृत्व किया था।
राजघाट और विजय घाट पर अर्पित की श्रद्धांजलि
इससे पूर्व सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट जाकर उन्हें भी नमन किया और श्रद्धांजलि दी।
गांधी जयंती के इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां नेताओं और आम नागरिकों ने बापू के शांति, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को याद किया।
