एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में शुक्रवार को भारत के 23 वर्षीय पहलवान सुजीत कलकल ने अपने अदम्य साहस और फुर्ती का प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। सुजीत ने फाइनल मुकाबले में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ 2-9 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए 10-9 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
2-9 से पिछड़े, फिर ‘टेक-डाउन’ से पलटा पासा
फाइनल मुकाबले के पहले पीरियड में ताजिकिस्तान के पहलवान अब्दुलमजीद कुदिएव ने ‘आर्म लॉक’ का इस्तेमाल कर सुजीत पर 9-2 की बड़ी बढ़त बना ली थी। हालांकि, सुजीत ने प्रतिद्वंद्वी की रणनीति को भांपते हुए अपनी तेजी से मैच का रुख मोड़ दिया।
मुकाबले के आखिरी 20 सेकंड में सुजीत ने लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर 8-9 किया और अंतिम क्षणों में एक निर्णायक ‘टेक-डाउन’ मूव लगाकर 10-9 से जीत हासिल की।
ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को चटाई धूल
स्वर्ण पदक के इस सफर में सुजीत ने दुनिया के दिग्गजों को परास्त किया:
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सेमीफाइनल: जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को कड़े मुकाबले में 3-3 के स्कोर पर बड़े दांव (हाई-वैल्यू मूव) के आधार पर हराया।
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क्वार्टर फाइनल: ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही को 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता (Technical Superiority) के आधार पर शिकस्त दी।
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प्री-क्वार्टर फाइनल: अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई को 13-3 से हराया।
पदक तालिका और भविष्य की उम्मीदें
यह एशियाई खेलों में सुजीत का पहला स्वर्ण पदक है। पिछले 12 महीनों में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, जगरेब ओपन और तिराना खिताब जीत चुके सुजीत ने इस जीत के साथ 2028 ओलंपिक पदक के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
कुश्ती के अन्य मुकाबलों का हाल
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दीपांशी फोगाट (महिला 50 किग्रा): प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की युई सुसाकी से हारने के बाद दीपांशी ने रेपेचेज राउंड में कंबोडिया की समनांग डित को 10-0 से हराया। अब वह कांस्य पदक के मुकाबले में कजाकिस्तान की जेनिप बयानोवा से भिड़ेंगी।
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रजत रुहुल (पुरुष 125 किग्रा): प्री-क्वार्टर में कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हारकर बाहर हुए।
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प्रिया मलिक (महिला 76 किग्रा): किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किजी से 1-6 से पराजित हुईं।
