दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हुए अभिनेता अनंत नाग
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित समारोह में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।
राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनकी प्रतिभा, मेहनत और राष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने अनंत नाग के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि उनके अभिनय में थिएटर और सिनेमा के श्रेष्ठ आयामों का समन्वय दिखाई देता है। सहज, संयत और प्रामाणिक अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले अनंत नाग आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं।
भारतीय सिनेमा में दिखती है देश की विविधता
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों में देश की विविधता और समाज की तस्वीर दिखाई देती है। भारतीय फिल्मों में लोगों के सपने, परंपराएं, संघर्ष और भविष्य की संभावनाएं अभिव्यक्त होती हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में वॉल ऑफ यूनिटी के निकट होना विशेष महत्व रखता है। यह स्थान भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना को भी दर्शाता है।
कई फिल्मों के विषयों की सराहना
राष्ट्रपति ने पुरस्कार पाने वाली फिल्मों के विषयों का उल्लेख करते हुए ‘आर्टिकल 370’ को देश की एकता से जुड़ी चुनौतियों पर केंद्रित फिल्म बताया। उन्होंने गैर-फीचर फिल्म ‘भंगार’ द्वारा जीवन, मृत्यु, सार्थकता और निरर्थकता के पहलुओं को सामने रखने की सराहना की।
‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को वीर सावरकर की जीवनगाथा को दी गई कलात्मक श्रद्धांजलि बताया गया, जबकि ‘भक्षक’ के माध्यम से महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को सामने लाने की बात कही गई। संथाली फिल्म ‘आंगेन’ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने को सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समावेश की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
फिल्म उद्योग में सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रपति ने फिल्म उद्योग में काम करने वाले सभी लोगों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मजदूरों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत लोगों को सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फिल्म कलाकारों का युवाओं और बच्चों पर गहरा प्रभाव होता है। इसलिए उन्हें अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों के समर्थन से बचना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि सच्चा सितारा वही है जो समाज में रोशनी फैलाए।
