वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की ताजा ‘चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे मजबूत विकास संभावनाओं वाला देश बना हुआ है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहेगी, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है। 74 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत में आर्थिक वृद्धि बेहद मजबूत रहेगी, जबकि मई में यह विश्वास जताने वाले विशेषज्ञों की संख्या 52 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था की इस मजबूती का सबसे बड़ा आधार मजबूत घरेलू मांग है। इसके अलावा, रोजगार और महंगाई के मोर्चे पर भी स्थिति स्थिर बनी हुई है। अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संतोषजनक दायरे (2-6%) के भीतर है। मूडीज जैसे वैश्विक संस्थानों ने भी भारत के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। रिपोर्ट स्पष्ट संकेत देती है कि भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
