रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के एथलीटों को सम्मानित किया।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) अपने नाम किए, जिनमें से 18 पदक अकेले भारतीय रक्षा बलों के जवानों ने जीते। इनमें भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने 16 पदक (8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य) तथा भारतीय नौसेना के खिलाड़ियों ने 2 पदक हासिल किए।
‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन संगम’
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों और दबाव के बावजूद इन एथलीटों ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने इन खिलाड़ियों को सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन संगम बताते हुए देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया।
नारी शक्ति का परचम
मुक्केबाजी में भारतीय महिला एथलीटों के प्रदर्शन की विशेष प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि बॉक्सिंग में जीते गए कुल 6 स्वर्ण पदकों में से 4 स्वर्ण महिला मुक्केबाजों ने हासिल किए हैं। यह सफलता देश में बढ़ती नारी शक्ति का प्रतीक है और अधिक से अधिक बेटियों को खेल व रक्षा क्षेत्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
भारतीय सेना के ऐतिहासिक कीर्तिमान:
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बॉक्सिंग: भारतीय सेना के मुक्केबाजों ने 6 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीतकर 100 साल पुराने इंग्लैंड के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया।
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हाई जंप: नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला रजत पदक दिलाया।
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एथलेटिक्स: नायब सूबेदार गुलवीर सिंह एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में दो पदक (10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य) जीतने वाले पहले भारतीय बने।
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जूडो: हवलदार हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम वर्ग में जूडो का पहला स्वर्ण पदक जीता।
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पैरा शॉट पुट: सूबेदार सोमन राणा और लांस नायक शुभम जुयाल ने भारत के लिए पहला स्वर्ण और रजत पदक जीता।
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वेटलिफ्टिंग: हवलदार अजया बाबू ने 79 किलोग्राम वर्ग में 149 किलोग्राम स्नैच के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
समारोह में थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, कोच तथा ‘मिशन ओलंपिक विंग’ के सदस्य भी उपस्थित रहे।
